स्वास्थ्य
डायबिटीज में सिर्फ दवा नहीं, डाइट भी जरूरी, इन चीजों का रखें खास ध्यान
डायबिटीज को नियंत्रित रखना सिर्फ दवाइयां लेने तक सीमित नहीं है। रोजाना की डाइट, खाने की मात्रा और भोजन का समय भी ब्लड शुगर मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभा सकते हैं। गलत खान-पान से ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ सकता है, जबकि संतुलित और पौष्टिक भोजन शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।
डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति की डाइट एक जैसी नहीं हो सकती। उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, दवाइयों और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर खान-पान की जरूरत बदल सकती है। इसलिए डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लेना जरूरी है।
ब्लड शुगर कंट्रोल में डाइट क्यों है जरूरी?
डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता या पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता। ऐसे में भोजन से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट का ब्लड ग्लूकोज पर सीधा असर पड़ सकता है। संतुलित डाइट न केवल ब्लड शुगर को मैनेज करने में मदद कर सकती है, बल्कि वजन, ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी उपयोगी हो सकती है।
1. कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और गुणवत्ता पर दें ध्यान
कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज में केवल कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ही नहीं, बल्कि उसके स्रोत पर भी ध्यान देना चाहिए। साबुत अनाज, दालें, सब्जियां और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
2. मीठे और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से दूरी
मिठाइयां, शुगर वाले पेय, मीठी ड्रिंक्स और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर मैनेज करना मुश्किल बना सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना और अतिरिक्त चीनी की मात्रा पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।
3. खाने में फाइबर को बनाएं हिस्सा
फाइबर युक्त भोजन लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास दे सकता है। सब्जियां, दालें, फल और साबुत अनाज इसके अच्छे स्रोत हैं। डाइट में पर्याप्त फाइबर शामिल करने से अनावश्यक स्नैकिंग और ज्यादा खाने से बचने में भी मदद मिल सकती है।
4. प्रोटीन और हेल्दी फैट को न करें नजरअंदाज
डायबिटीज की डाइट का मतलब केवल चावल, रोटी या अन्य कार्बोहाइड्रेट कम करना नहीं है। दाल, बीन्स, अंडे, मछली, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, नट्स और बीज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, इनकी सही मात्रा व्यक्ति की जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय की जानी चाहिए।
5. भोजन का समय और मात्रा भी मायने रखती है
ब्लड शुगर मैनेजमेंट में सिर्फ यह महत्वपूर्ण नहीं है कि क्या खाया जा रहा है, बल्कि कितनी मात्रा में और किस समय खाया जा रहा है, यह भी मायने रख सकता है। खासतौर पर इंसुलिन या कुछ विशेष डायबिटीज दवाएं लेने वाले लोगों को बिना सलाह के भोजन छोड़ने या डाइट में अचानक बदलाव करने से बचना चाहिए।
डायबिटीज में इन बातों का रखें ध्यान
खाने की प्लेट में सब्जियों और फाइबर वाले खाद्य पदार्थों को पर्याप्त जगह दें।
साबुत अनाज और दालों जैसे पौष्टिक विकल्पों को प्राथमिकता दें।
मीठे पेय और अतिरिक्त चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें।
भोजन की मात्रा पर नजर रखें और जरूरत से ज्यादा खाने से बचें।
शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।
नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
ब्लड शुगर की रीडिंग के आधार पर डाइट में बदलाव डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से ही करें।
जरूरी बात
डायबिटीज का प्रबंधन हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की डाइट को देखकर उसे अपनी दिनचर्या में लागू करना सही नहीं है। दवा, इंसुलिन या खान-पान में बदलाव विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करना बेहतर है।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह किसी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है।
(साभार)
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