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पित्ताशय में पथरी क्यों बनती है? जानें वे आदतें जो खतरा बढ़ा देती हैं

स्वास्थ्य

पित्ताशय में पथरी क्यों बनती है? जानें वे आदतें जो खतरा बढ़ा देती हैं

लिवर के नीचे मौजूद छोटा अंग पित्ताशय (Gallbladder) शरीर में वसा को पचाने के लिए आवश्यक पित्त को सुरक्षित रखता है। लेकिन जब पित्त में मौजूद तत्व—जैसे कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन—अपने सामान्य अनुपात से बिगड़ जाते हैं, तो ये जमकर छोटे–बड़े कठोर कणों में बदल जाते हैं, जिन्हें गॉलस्टोन कहा जाता है। यह समस्या कई बार बिना किसी लक्षण के बनी रहती है और तभी सामने आती है जब पथरी नलिकाओं में फंसकर तेज दर्द उत्पन्न करती है।

आधुनिक जीवनशैली और गलत खान–पान इस समस्या को तेजी से बढ़ा रहे हैं। समय रहते इन कारणों को समझना जरूरी है ताकि आगे चलकर सर्जरी जैसे बड़े उपचार की जरूरत न पड़े।

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कौन-सी गलत आदतें बढ़ाती हैं पित्ताशय की पथरी का खतरा?
1. अत्यधिक फैट वाला भोजन

अगर भोजन में वसा की मात्रा अधिक और फाइबर कम है, तो पित्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है। यही अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे पथरी बनाने लगता है।

2. तेजी से वजन कम करना

बहुत सख्त डाइट, लंबा उपवास या अचानक वजन कम करना पित्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा देता है और पित्ताशय सही ढंग से खाली नहीं होता। इससे गॉलस्टोन बनने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

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3. हार्मोन से जुड़ी दवाएं

एस्ट्रोजन वाली दवाएं—जैसे कुछ गर्भनिरोधक गोलियां या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी—पित्त में कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ा देती हैं। गर्भावस्था के दौरान भी हार्मोनल बदलाव यह जोखिम बढ़ा सकते हैं।

4. शारीरिक गतिविधि की कमी

लंबे समय तक बैठे रहना या व्यायाम न करना पित्ताशय को पूरी तरह खाली नहीं होने देता। इससे पित्त गाढ़ा हो जाता है और पथरी बनने की स्थिति पैदा होती है।

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5. मोटापा

अधिक वजन होने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है, जो सीधे-सीधे गॉलस्टोन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।

कैसे बचा जा सकता है इस समस्या से?

संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, नियंत्रित वजन और विशेषज्ञ की सलाह से दवाओं का सेवन पित्ताशय की पथरी के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। जीवनशैली में छोटे-मोटे सुधार इस दर्दनाक बीमारी से बचाव में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

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Author: Shakshi Negi
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