Connect with us

देहरादून में ‘प्रगति-2026’ का आयोजन, छात्राओं को करियर और नई तकनीकों की दी जानकारी

उत्तराखंड

देहरादून में ‘प्रगति-2026’ का आयोजन, छात्राओं को करियर और नई तकनीकों की दी जानकारी

देहरादून। शिक्षा मंत्रालय और आईआईटी कानपुर की संयुक्त पहल SATHEE के तहत मंगलवार को पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजपुर रोड में करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम ‘प्रगति-2026’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बदलते दौर में करियर के नए विकल्पों, उभरती तकनीकों और व्यक्तिगत विकास के प्रति जागरूक करना रहा।

करीब दो घंटे चले कार्यक्रम में छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष तकनीक और समुद्र के भीतर इस्तेमाल होने वाली तकनीकों जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स अनुप्रयोग प्रयोगशाला (DEAL), डीआरडीओ के निदेशक डॉ. मनोज कुमार ढाका मुख्य अतिथि और भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. जेएन नौटियाल विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम से पहले दोनों अतिथियों ने विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब का निरीक्षण किया और छात्राओं की ओर से तैयार किए गए विभिन्न मॉडल एवं प्रोजेक्ट देखे। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रेमलता बौड़ाई ने अतिथियों का स्वागत किया।

यह भी पढ़ें -  केंद्रीय संचार ब्यूरो देहरादून की हर घर तिरंगा विषय पर चित्र प्रदर्शनी 14 अगस्त से

दृढ़ इच्छाशक्ति से हासिल किया जा सकता है लक्ष्य

छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. मनोज कुमार ढाका ने कहा कि किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए परिस्थितियों और संसाधनों से ज्यादा मजबूत इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने छात्राओं के प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए कहा कि कई मॉडल वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान की दिशा में उपयोगी सोच को दर्शाते हैं।

यह भी पढ़ें -  धामी सरकार में राज्य संपत्तियों के विकास को रफ्तार

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और अंडरवॉटर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में करियर के कई नए अवसर सामने आएंगे। उन्होंने छात्राओं से एआई को चुनौती के बजाय उपयोगी तकनीक के रूप में अपनाने और इसका रचनात्मक कार्यों में इस्तेमाल करने की अपील की। साथ ही उन्होंने प्रतियोगिता के दौर में अलग पहचान बनाने के लिए लीक से हटकर सोच विकसित करने पर जोर दिया।

आत्मअनुशासन और तनाव प्रबंधन जरूरी

विशेष अतिथि डॉ. जेएन नौटियाल ने छात्राओं को आत्मअनुशासन, इच्छाशक्ति और संतुलित जीवनशैली का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानकर लगातार खुद को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

यह भी पढ़ें -  सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ

उन्होंने पढ़ाई, व्यक्तिगत अपेक्षाओं और अभिभावकों के साथ मतभेदों के कारण विद्यार्थियों पर पड़ने वाले तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने छात्राओं को तनाव से निपटने, आत्मजागरूकता बढ़ाने और मजबूत व्यक्तित्व विकसित करने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अतिथियों से करियर, नई तकनीकों और भविष्य के अवसरों से जुड़े सवाल पूछे। प्रधानाचार्य प्रेमलता बौड़ाई ने कहा कि ‘प्रगति-2026’ का उद्देश्य छात्राओं को स्कूली शिक्षा के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी देना है, ताकि वे अपने भविष्य को लेकर बेहतर निर्णय ले सकें।

कार्यक्रम के अंत में SATHEE मित्र शितिज ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सामूहिक फोटो के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Ad Ad
Continue Reading

More in उत्तराखंड

Ad Ad

Latest News

Author

Author: Shakshi Negi
Website: www.gairsainlive.com
Email: gairsainlive@gmail.com
Phone: +91 9720310305