Connect with us

महिला आरक्षण कानून पर फिर गरमाई सियासत, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

देश

महिला आरक्षण कानून पर फिर गरमाई सियासत, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

राहुल गांधी बोले- कानून लागू करने में देरी क्यों?

नई दिल्ली। महिला आरक्षण कानून को लागू करने को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच सियासी तकरार एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पहले ही महिला आरक्षण कानून का समर्थन कर चुकी है। उन्होंने केंद्र से सवाल किया कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले कानून को लागू करने में देरी क्यों हो रही है और इसे लोकसभा परिसीमन से जोड़ने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ संसद में कांग्रेस के समर्थन से पारित हुआ था। ऐसे में अब इसे लागू करने के लिए किसी नई शर्त की जरूरत नहीं होनी चाहिए। राहुल ने सरकार से कानून को बिना शर्त लागू करने की मांग की।

यह भी पढ़ें -  राजघाट में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू समेत कई नेताओं ने दी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

रिजिजू ने कांग्रेस से मांगा था समर्थन

दरअसल, यह विवाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान के बाद सामने आया। राहुल गांधी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि महिलाओं की आवाज और उनकी भागीदारी के बिना देश का विकास अधूरा रहेगा।

राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने इसे कांग्रेस की ओर से सकारात्मक संदेश बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव दिखाई दे रहा है। इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस से महिला आरक्षण विधेयक को बिना शर्त समर्थन देने की चुनौती भी दी।

यह भी पढ़ें -  राजघाट में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू समेत कई नेताओं ने दी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

कांग्रेस की आपत्ति किस बात पर है?

कांग्रेस और विपक्षी दल महिला आरक्षण के प्रावधान का समर्थन करते रहे हैं, लेकिन परिसीमन के साथ इसे जोड़ने का विरोध करते हैं। विपक्ष की दलील है कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने को लोकसभा सीटों के परिसीमन की प्रक्रिया पर निर्भर नहीं किया जाना चाहिए।

परिसीमन के जरिए लोकसभा की सीटों की संख्या और उनके क्षेत्र का पुनर्निर्धारण किया जाना प्रस्तावित है। विपक्ष चाहता है कि महिला आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया से अलग रखते हुए इसे जल्द लागू किया जाए।

2023 में संसद से पारित हुआ था कानून

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। इस कानून में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। हालांकि, इसके प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया परिसीमन और उससे जुड़ी संवैधानिक प्रक्रिया से संबद्ध है।

यह भी पढ़ें -  राजघाट में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू समेत कई नेताओं ने दी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

दिए गए विवरण के मुताबिक, 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान संशोधन से जुड़ा एक विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। इसके चलते कानून को लागू करने की आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

अब राहुल गांधी के बयान के बाद महिला आरक्षण कानून का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस जहां इसे बिना शर्त लागू करने की मांग कर रही है, वहीं केंद्र और विपक्ष के बीच परिसीमन को लेकर मतभेद बने हुए हैं।

Ad Ad
Continue Reading

More in देश

Ad Ad

Latest News

Author

Author: Shakshi Negi
Website: www.gairsainlive.com
Email: gairsainlive@gmail.com
Phone: +91 9720310305