Connect with us

कमर से पैर तक फैलने वाला दर्द हो सकता है साइटिका का संकेत, न करें नजरअंदाज

स्वास्थ्य

कमर से पैर तक फैलने वाला दर्द हो सकता है साइटिका का संकेत, न करें नजरअंदाज

अगर आपको कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर कूल्हों और पैरों के पिछले हिस्से तक तेज दर्द महसूस होता है, तो सावधान हो जाइए। यह आम कमर दर्द नहीं, बल्कि साइटिका (Sciatica) का लक्षण हो सकता है। यह समस्या तब होती है जब शरीर की सबसे लंबी नस — साइटिक नर्व (Sciatic Nerve) — किसी कारणवश दब जाती है या उसमें सूजन आ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार यह नस रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से से निकलकर नितंबों और पैरों के पिछले हिस्से से होती हुई पैर के अंगूठे तक जाती है। जब इस नस पर दबाव पड़ता है, तो दर्द, जलन और सुन्नपन जैसी परेशानी पूरे तंत्रिका मार्ग में फैल जाती है।

यह भी पढ़ें -  घुटनों का दर्द और अकड़न? जानिए गठिया के कारण और घरेलू इलाज

किसे होता है साइटिका दर्द

यह समस्या अधिकतर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में या लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों में पाई जाती है। कई बार स्लिप डिस्क, हड्डी का बढ़ना, या मांसपेशियों में अकड़न जैसी वजहें भी इस दर्द को जन्म देती हैं। दर्द की तीव्रता हल्के से लेकर असहनीय तक हो सकती है, जो बैठने, खड़े होने या यहां तक कि छींकने पर भी बढ़ जाती है।

यह भी पढ़ें -  अचानक खड़े होते ही चक्कर आना? यह कमजोरी नहीं, हो सकता है किसी गंभीर बीमारी का संकेत

मुख्य लक्षण

साइटिका दर्द की पहचान इसका फैलाव है — यह पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर नितंबों से होता हुआ पैर के पिछले हिस्से, पिंडली या यहां तक कि पैर की उंगलियों तक पहुंच सकता है। दर्द के साथ सुन्नपन, झुनझुनी और ‘सुई चुभने’ जैसा अनुभव आम है।

कैसा होता है दर्द

यह दर्द आमतौर पर बैठने या आगे झुकने पर बढ़ जाता है, जबकि लेटने पर राहत मिलती है। लंबे समय तक खड़े रहना मुश्किल हो जाता है और कभी-कभी ऐसा भी महसूस होता है कि पैर में ताकत खत्म हो गई है।

यह भी पढ़ें -  सुबह पेट साफ नहीं होता? रात की ये गलत आदतें बन रही हैं कब्ज की सबसे बड़ी वजह

क्या करें

अगर दर्द एक सप्ताह से अधिक बना रहे, या पैर में कमजोरी, सुन्नपन या मूत्राशय नियंत्रण में कठिनाई महसूस हो, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट या स्पाइन विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर इलाज से यह समस्या पूरी तरह ठीक हो सकती है।

चिकित्सक सलाह देते हैं कि नियमित व्यायाम, सही बैठने की मुद्रा और वजन नियंत्रण से साइटिका के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

(साभार)

Ad Ad
Continue Reading

More in स्वास्थ्य

Ad Ad

Latest News

Author

Author: Shakshi Negi
Website: www.gairsainlive.com
Email: gairsainlive@gmail.com
Phone: +91 9720310305