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विधायक जीना को राजकीय सम्मान न मिलने के मामले पर सरकार ने दिए जांच के निर्देश

उत्तराखंड

विधायक जीना को राजकीय सम्मान न मिलने के मामले पर सरकार ने दिए जांच के निर्देश

देहरादून। सल्ट क्षेत्र के दिवंगत विधायक सुरेंद्र सिंह जीना की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद उन्हें राजकीय सम्मान नहीं मिल पाया। और तो और, उनकी अंत्येष्टि के मौके पर सरकार का कोई नुमाइंदा तक मौजूद नहीं था। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधायक जीना को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोहाघाट से विधायक पूरण सिंह फर्त्‍याल ने सदन में यह बात कही। विपक्ष ने भाजपा विधायक फर्त्‍याल के वक्तव्य को तुरंत लपकते हुए सदन से बाहर सरकार पर निशाना साधने में देरी नहीं लगाई। हालांकि, शाम को सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने साफ किया कि इस प्रकरण की पड़ताल कराई जाएगी।
सत्र के पहले दिन दिवंगत विधायक जीना के अलावा चार पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि दी गई। भाजपा विधायक फर्त्‍याल ने कहा कि स्वर्गीय जीना से उनकी घनिष्ठ मित्रता थी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती कराए जाने के वक्त जीना कोरोना पॉजिटिव थे। 12 नवंबर को जीना ने अंतिम सांस ली। उन्होंने कहा कि सुबह 11 बजे जीना की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। बावजूद इसके सिटिंग विधायक को गार्ड ऑफ ऑनर तक नहीं मिल पाया। सरकार का कोई व्यक्ति अंतिम संस्कार तक में नहीं पहुंचा। यह बेहद दुखदायी है।

इस बीच सदन से बाहर आए उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा और कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में भाजपा विधायक फर्त्‍याल के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए सरकार को निशाने पर लिया। साथ ही सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। हालांकि, शाम को पत्रकारों से बातचीत में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राजकीय सम्मान के लिए प्रोटोकाल का पालन करना होता है। विधायकों, मंत्रियों के लिए भी प्रोटोकाल है। दिवंगत विधायक जीना के मामले में यदि कहीं किसी स्तर पर चूक हुई होगी तो इसकी पड़ताल करा ली जाएगी।

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