Connect with us

फैटी लिवर का खतरा- चीनी ही नहीं, किचन की ये आम चीजें भी बना रही हैं लिवर को बीमार

स्वास्थ्य

फैटी लिवर का खतरा- चीनी ही नहीं, किचन की ये आम चीजें भी बना रही हैं लिवर को बीमार

अब तक फैटी लिवर की बीमारी को केवल शराब या ज्यादा मीठा खाने से जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन ताजा हेल्थ स्टडी और एक्सपर्ट्स की चेतावनियां कुछ और ही इशारा कर रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हमारी रोजमर्रा की थाली में शामिल कुछ सामान्य खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो चुपचाप लिवर में फैट जमा कर रहे हैं और फैटी लिवर का खतरा कई गुना बढ़ा रहे हैं।

फैटी लिवर तब होता है जब लीवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है। शुरुआत में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते, लेकिन समय के साथ यह सूजन, लीवर फाइब्रोसिस और यहां तक कि सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकता है। बदलती जीवनशैली, प्रोसेस्ड फूड और गलत खानपान लिवर पर अतिरिक्त मेटाबॉलिक दबाव डाल रहे हैं, जिससे यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें -  नए साल की पार्टियों के बाद कैसे रखें वजन कंट्रोल, एक्सपर्ट की खास सलाह

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ चीनी कम करना काफी नहीं है। लीवर को सुरक्षित रखने के लिए उन खाद्य पदार्थों की पहचान करना जरूरी है जो रोजाना हमारे किचन से प्लेट तक पहुंच रहे हैं और धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रहे हैं।

रिफाइंड आटा और प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट

मैदा से बने खाद्य पदार्थ जैसे सफेद ब्रेड, बिस्कुट, नूडल्स और पास्ता शरीर में तेजी से शुगर में बदल जाते हैं। इनमें फाइबर न होने के कारण ब्लड शुगर अचानक बढ़ती है और लिवर अतिरिक्त ग्लूकोज को फैट में बदलने लगता है। यही प्रक्रिया आगे चलकर नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज की वजह बनती है।

यह भी पढ़ें -  दूषित पानी से बढ़ता स्वास्थ्य खतरा, केवल दस्त ही नहीं लीवर और किडनी भी होती है प्रभावित

जरूरत से ज्यादा नमक

अधिक नमक का सेवन केवल दिल के लिए ही नहीं, लीवर के लिए भी खतरनाक माना जाता है। अचार, पैकेज्ड स्नैक्स और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में मौजूद सोडियम शरीर में पानी रोकने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ाता है। इससे लिवर की कोशिकाओं पर दबाव बढ़ता है और उनमें क्षति की संभावना बढ़ जाती है।

ट्रांस फैट और हाइड्रोजेनेटेड तेल

वनस्पति घी, दोबारा गरम किया गया तेल और बाहर के तले हुए खाद्य पदार्थ ट्रांस फैट से भरपूर होते हैं। ये फैट लीवर में सूजन बढ़ाने के साथ-साथ खराब कोलेस्ट्रॉल को भी बढ़ाते हैं। लंबे समय तक इनके सेवन से लिवर के टिशूज में फैट जमा होने लगता है, जिसे शरीर आसानी से प्रोसेस नहीं कर पाता।

यह भी पढ़ें -  हाई ब्लड प्रेशर बना ‘साइलेंट किलर’, युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा खतरा

कैसे रखें लीवर को सुरक्षित?

फैटी लिवर से बचाव के लिए मैदा की जगह साबुत अनाज, जैसे जौ, बाजरा और ओट्स को भोजन में शामिल करें। ट्रांस फैट की जगह कोल्ड-प्रेस्ड या सीमित मात्रा में सरसों और जैतून के तेल का उपयोग करें। फाइबर युक्त आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय दिनचर्या लीवर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

ध्यान रखें, लीवर शरीर का प्राकृतिक फिल्टर है। यदि इसकी सेहत बेहतर रहेगी, तो पूरे शरीर पर उसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।

(साभार)

Ad Ad
Continue Reading

More in स्वास्थ्य

Latest News

Author

Author: Shakshi Negi
Website: www.gairsainlive.com
Email: gairsainlive@gmail.com
Phone: +91 9720310305