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बार-बार छींक आती है तो हो जाएं सावधान, हो सकता है किसी बीमारी का संकेत

स्वास्थ्य

बार-बार छींक आती है तो हो जाएं सावधान, हो सकता है किसी बीमारी का संकेत

छींक आना शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो नाक के जरिए धूल, बैक्टीरिया और अन्य बाहरी कणों को बाहर निकालने का काम करती है। बदलता मौसम, धूल-मिट्टी, तेज गंध या एलर्जी जैसी वजहों से कभी-कभार छींक आना सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर छींकें लगातार और बार-बार आने लगें, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में इसे नजरअंदाज करना सही नहीं माना जाता।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में कुछ बार छींक आना आम बात है और यह शरीर की सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा होता है। हालांकि, जब छींक के साथ नाक बहना, आंखों में जलन, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें जुड़ने लगें, तो यह एलर्जी, वायरल संक्रमण या साइनस जैसी समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि छींक कब सामान्य है और कब डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत पड़ सकती है।

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दिन में कितनी छींकें सामान्य मानी जाती हैं?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिन में 2 से 5 बार छींक आना सामान्य स्थिति मानी जाती है। कई बार लगातार 3-4 छींकें एक साथ आना भी कोई गंभीर बात नहीं होती। यह शरीर का तरीका है जिससे नाक में मौजूद धूल या एलर्जन बाहर निकल जाते हैं।

कब बढ़ सकती है परेशानी?
अगर छींकें लगातार कई दिनों तक आती रहें या दिनभर बार-बार छींकने की समस्या बनी रहे, तो यह एलर्जिक राइनाइटिस, साइनस इंफेक्शन या वायरल बीमारी का संकेत हो सकता है। खासतौर पर मौसम बदलने के दौरान यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।

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किन लक्षणों पर डॉक्टर से मिलना जरूरी?

लगातार छींकें आना

छींक के साथ तेज नाक बहना

बुखार या गले में खराश

सांस लेने में तकलीफ

आंखों में खुजली और जलन

सिरदर्द और कमजोरी महसूस होना

छींक आने के आम कारण

धूल और प्रदूषण

मौसम में बदलाव

परागकण और एलर्जी

वायरल इंफेक्शन

साइनस से जुड़ी समस्या

बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि धूल और धुएं से बचाव करें और बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें। घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है। अगर किसी खास चीज से एलर्जी है, तो उससे दूरी बनाकर रखें। समस्या ज्यादा बढ़ने पर बिना देरी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स में उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)

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Author: Shakshi Negi
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