Connect with us

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से भूदेव ऐप को डाउनलोड करने की अपील की 

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से भूदेव ऐप को डाउनलोड करने की अपील की 

भूकंप से सुरक्षा का कवच अब अपने फोन में रखें

यूएसडीएमए और आईआईटी रुड़की ने विकसित किया है भू-देव एप

देखें, मुख्यमंत्री ने जारी किया वीडियो संदेश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा आईआईटी रुड़की द्वारा विकसित किए गए भूदेव ऐप को डाउनलोड करने की अपील की है। जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। उत्तराखंड राज्य जोन 4 और जोन 5 के अंतर्गत आता है, इसलिए प्रदेश के सभी नागरिकों को जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने मोबाइल फोन में भू देव ऐप डाउनलोड करने अपने परिजनों और परिचितों के मोबाइल फोन में भी इस ऐप को डाउनलोड करवाने की अपील की है।

गौरतलब है कि आईआईटी रुड़की के सहयोग से उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूकंप का अलर्ट प्रदान करने के लिए इस ऐप को विकसित किया है। पांच से अधिक तीव्रता का भूकंप आने पर यह एप मोबाइल फोन में अलर्ट भेज देगा। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में अलग-अलग स्थानों में 169 सेंसर तथा 112 सायरन लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जब भूकंप आता है तो दो तरह की तरंगें निकलती हैं, जिन्हें हम प्राइमरी और सेकेंडरी तरंग कहते हैं। प्राइमरी तरंगें पहले निकलती हैं। जब भूकंप आएगा तो अलग-अलग स्थान पर लगे सेंसर प्राइमरी तरंगों को डिटेक्ट कर लेंगे। यदि 5 से अधिक तीव्रता का भूकंप आएगा तो इन सेंसरों के माध्यम से सीधे भूदेव ऐप के जरिए मोबाइल फोन में सायरन बज उठेगा।

यह भी पढ़ें -  सिंगल यूज प्लास्टिक पर डीएम सख्त, सप्लाई नेटवर्क तोड़ने के निर्देश

सेकेंडरी तरंगों के आने से 15 से 30 सेकेंड पहले यह चेतावनी मिल जाएगी और लोग सावधानी बरतते हुए अपनी तथा अपने परिजनों की सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकेंगे। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी के संदेश के साथ ऐप को डाउनलोड करने संबंधी वीडियो जारी की गई है। भूदेव ऐप को प्ले स्टोर तथा एप स्टोर के माध्यम से डाउनलोड कर अपने फोन में इंस्टॉल करें।

यह भी पढ़ें -  दिव्यांगजनों को मतदान के प्रति किया जागरूक, शत-प्रतिशत मतदान का आह्वान

सेंसर और सायरनों की संख्या बढ़ाई जाएगी

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में अलग-अलग स्थानों में 169 सेंसर तथा 112 सायरन लगाए गए हैं। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आईआईटी रुड़की के सहयोग से इनकी संख्या बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत है ताकि व्यापक स्तर पर पूरे प्रदेश में एलर्ट मिल सकें। इसके तहत 500 अतिरिक्त सेंसर तथा 1000 नए सायरन लगाए जाने की योजना है।

यह भी पढ़ें -  सेवा संकल्प अभियान' के तहत नानकमत्ता पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, स्वच्छता अभियान में किया श्रमदान

इस तरह किया जा सकता है एप को डाउनलोड

 यह एप एंड्रायड और आईओएस, दोनों पर उपलब्ध है।
 प्ले स्टोर और एप स्टोर में भूदेव सर्च कर अपने फोन में इंस्टॉल करें।
 वेलकम स्क्रीन में गेट ैजंतजमक का दबाएं।
 लोकेशन की अनुमति दें।
 अपना फोन नंबर एंटर करें।
 नियम और शर्तों से सहमत पर क्लिक करें।
 ओटीपी एंटर करें।
 अपने परिवार के सदस्य या परिचित का नंबर इमरजेंसी कांटेक्ट के तौर पर दर्ज करें।
 अब भूकंप से सुरक्षा का कवच आपके फोन में है।

Ad Ad
Continue Reading

More in उत्तराखंड

Ad Ad

Latest News

Author

Author: Shakshi Negi
Website: www.gairsainlive.com
Email: gairsainlive@gmail.com
Phone: +91 9720310305