Connect with us

Big breaking:- पीएम मोदी ने उत्तराखंड को 18000 करोड़ की सौगात , गढ़वाळी में किया अभिवादन कहा ” म्यरा-दाना स्याणों दीदी भूळियों तैं में सेवा लगाणू छों “

उत्तराखंड

Big breaking:- पीएम मोदी ने उत्तराखंड को 18000 करोड़ की सौगात , गढ़वाळी में किया अभिवादन कहा ” म्यरा-दाना स्याणों दीदी भूळियों तैं में सेवा लगाणू छों “


उत्तराखंड की धरती पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत गढ़वाली भाषा में सभी को अभिनंदन कहा म्यरा-दाना स्याणों दीदी भूळियों तैं में सेवा लगाणू छों  ”  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस अभिनदंन से देहरादून की तमाम पहाड़ी जनता खासी हर्षित दिखाई दी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप सभी इतनी बड़ी संख्या में मुझे आशीर्वाद देने आए हैं आपके स्नेह आपका आशीर्वाद यह आशीर्वाद का प्रसाद पाकर सभी अभिभूत हैं उनके अनुसार उत्तराखंड पूरे देश की आस्था ही नहीं बल्कि कर्म और कठोरता की भूमि है इसलिए इस क्षेत्र का विकास यहां को भव्य स्वरूप देना आप डबल इंजन की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है

 

 

 

 

 

 

इसी भावना से बीते 5 वर्षों में उत्तराखंड के विकास के लिए सरकार ने एक लाख करोड़ से अधिक परियोजनाएं स्वीकृत की है यहां की सरकार इसको तेजी से उतार रही है इसी को आगे बढ़ाते हुए आज 18000 करोड रुपए से अधिक की लोकार्पण और शिलान्यास किए गए हैं इनमें कनेक्टिविटी हो स्वास्थ्य हो संस्कृति हो तीर्थाटन हो बिजली हो बच्चों के लिए विशेष तौर पर बनाएं चाइल्ड फ्रेंडली सिटी प्रोजेक्ट घर सेक्टर से जुड़े प्रोजेक्ट में शामिल है बीते वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार यह दिन आया है यह परिवर्तन है इस दशक को मैंने केदार पूरी की धरती से कहा था आज देहरादून से दोहरा रहा आ रहा हूं यह परियोजना है इस दशक को उत्तराखंड उत्तराखंड के दशक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे

 

 

 

 

पीएम ने विपक्षियों पर साधा निशाना कहा जो लोग कहते हैं कि डबल इंजन के सरकार का फायदा क्या है वह आज देख सकते हैं कि कैसे विकास की गंगा बहाई जा रही है कहां अटल बिहारी वाजपेई की सरकार के द्वारा उत्तराखंड का विकास आगे बढ़ने लगा लेकिन बीच में 10 साल कांग्रेस की सरकार रही जिसमें उत्तराखंड का खासा नुकसान हुआ उनके अनुसार हमने दोगुनी गति से मेहनत की है उनके अनुसार भारत के नीति दो* शक्ति से काम करने की हो गई है उनके अनुसार आज भारत नवनिर्माण में जुटा हुआ है उनके अनुसार भारत में कनेक्टिविटी का महायज्ञ चल रहा है इसी का एक यज्ञ आज देवभूमि में हो रहा है देवभूमि में पर्यटक भी आते हैं और उद्यमी भी आते हैं प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि चारधाम क्षेत्र में जिस तरीके से निर्माण कार्य हो रहा है साथ ही केदारनाथ की केदार पुरी में जो काम हो रहा है

यह भी पढ़ें -  Big breaking:-परेड मैदान में 4 को पीएम मोदी की रैली , सीएम धामी ने लिया तैयारियों का जायजा

 

 

 

 

 

 

वह भी देखने लायक है उनके अनुसार अब चार धाम यात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी अब बद्रीनाथ जी गंगोत्री यमुनोत्री धाम में अनेक सुविधाओं से जुड़े नए प्रोजेक्ट पर भी काम आरंभ हुआ है इससे साफ पता चलता है कनेक्टिविटी से कितना लाभ होता है यह सभी जानते हैं 2012 में 500000 लोगों ने केदारनाथ में दर्शन दिया 2019 में 10 लाख लोगों ने केदारनाथ धाम के दर्शन किए कहा लोग मुझसे कहते थे दिल्ली से गणेशपुर तक आने में तो बहुत सरलता होती है लेकिन गणेशपुर से देहरादून पहुंचने में परेशानी होती है लेकिन अब इकनॉमिक कॉरिडोर बनने से ना केवल देहरादून हरिद्वार को फायदा होगा बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों को भी इसका फायदा होगा पीएम ने साफ कहा कि तमाम योजनाएं प्रदेश के विकास को आगे बढ़ती दिखाई देगी

कहां उत्तराखंड में हम से पहले 288 किलोमीटर सड़कें बनाई थी कहां हमारी सरकार ने अपने 7 साल में 2000 किलोमीटर में तमाम नेशनल हाईवे का निर्माण किया है
कहां 7 साल में हम से पहले की सरकार ने 600 करोड़ रुपए विकास कार्यों में खर्च किए लेकिन हमारी सरकार ने साडे 7 सालों में 12000 करोड रुपए से ज्यादा विकास कार्यों के लिए खर्च कर चुकी है कहां 600 करोड़ और कहां 12000 करोड रुपए

 

 

कहां 5 साल पहले जो कहा था उसको फिर से दोहराने की ताकत राजनेताओं में कम होती है लेकिन मुझ में वो ताकत है आज मैं गर्व से कह सकता हूं उत्तराखंड का पानी और जवानी उत्तराखंड के काम ही आली पीएम ने साफ तौर पर कहा कि कुछ करने का जज्बा हो तो सूरत भी बदलती है और सीरत भी बदलती है

वहीं प्रधानमंत्री ने श्याम धनी की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सीएम धामी ने केंद्र के सहयोग से उत्तराखंड में अच्छा हेल्थ स्ट्रक्चर खड़ा किया है जल्द ही कुमाऊं में एम्स का सेटेलाइट सेंटर भी खोल दिया जाएगा

पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने जनता के बीच में भेद डालकर राज करने की कोशिश की जनता को मजबूत नहीं होने दिया पहले की सरकारों ने केवल अपनी तिजोरी भरी कुछ खास वर्ग विशेष धर्म विशेष के लोगों पर ही ध्यान दिया ताकि उनकी राजनीति चलती रहे कहा आम जनता के गौरव को सोची समझी रणनीति के तहत कुचल दिया गया उसको आश्रित बना दिया गया कहा इस सोच से अलग हमने अलग रास्ता चुना है उनके अनुसार हमने जो रास्ता चुना है वह मार्ग कठिन है लेकिन देश हित में है देश के लोगों के हित में है

यह भी पढ़ें -  Big news :-मुख्यमंत्री ने किया परेड ग्राउण्ड का निरीक्षण , प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की आयोजन व्यवस्थाओं का लिया जायजा।

पीएम ने साफ तौर पर कहा कि हम योजना लाएंगे तो सबके लिए लाएंगे बिना भेदभाव के लाएंगे कहां हमने सब की सेवा को प्राथमिकता दी हमारी कोशिश रहेगी देश को मजबूती देनी है कहा हमारा देश कब मजबूत होगा जब हर परिवार मजबूत होगा कहां हमने ऐसी योजनाएं बनाई जो भले ही वोट बैंक के तराजू में फिट ना बैठे लेकिन आम जनता को नए अवसर देगी आपको ताकतवर बनाएगी

कहां उत्तराखंड में होमस्टे पर बहुत अच्छा काम हुआ कहा चार धाम में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं ऐसे में रातों-रत होटल नहीं बन सकते लेकिन घरों में होमस्टे के माध्यम से उन्हेंआतिथ्य दिया जा सकता है

पीएम ने साफ तौर पर कहा कि हमारे पास युवा मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी है साथ ही उनकी अनुभवी टीम है साथ ही अनुभवी नेता है जो विकास पद पर इसे आगे बढ़ाएंगे

जो देश भर में विफल साबित हुए हैं क्या वह आप को आगे बढ़ाएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 दिसंबर को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुँचे जहाँ इस दौरान उन्होंने 18,000 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
देहरादून में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जंक्शन से देहरादून तक) सहित 11 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखा
📌 दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर:
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा 8300 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होना है। इस गलियारे के बन जाने के बाद दिल्ली से देहरादून जाने के समय में काफी कमी आएगी। अभी सड़क मार्ग से दिल्ली से देहरादून जाने में यदि छह घंटे लगते हैं तो गलियारा बन जाने के बाद इसमें 2.5 घंटे लगेंगे।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे में हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली, यमुनानगर, बागपत, मेरठ और बड़ौत से कनेक्टिविटी के लिए सात प्रमुख इंटरचेंज होंगे।
इसमें अप्रतिबंधित वाइल्डलाइफ मूवमेंट के लिए एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर (12 किमी) होगा।
साथ ही दत काली मंदिर, देहरादून के पास 340 मीटर लंबी सुरंग वन्यजीवों पर प्रभाव को कम करने में मदद करेगी।
इसके अलावा, गणेशपुर-देहरादून खंड में पशु और वाहन की टक्कर से बचने के लिए कई एनिमल पास रखे गए हैं।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे में 500 मीटर के अंतराल पर वर्षा जल संचयन और 400 से अधिक वाटर रिचार्ज पॉइंट्स की व्यवस्था भी होगी।
📌 ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट परियोजना:
हलगोआ, सहारनपुर से भद्राबाद, हरिद्वार को जोड़ने वाली ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट परियोजना का निर्माण 2000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाएगा। यह निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और दिल्ली से हरिद्वार तक की यात्रा के समय को भी कम करेगी।
📌 हरिद्वार रिंग रोड:
मनोहरपुर से कांगड़ी तक बनने वाली हरिद्वार रिंग रोड, 1600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार होगी। यह हरिद्वार शहर में यातायात की भीड़ से निवासियों को राहत देगी और कुमाऊं क्षेत्र के साथ कनेक्टिविटी में भी सुधार करेगी।
📌 लक्ष्मण झूला के निकट गंगा नदी पर एक पुल का निर्माण:
ऋषिकेश स्थित लक्ष्मण झूला के निकट गंगा नदी पर एक पुल का निर्माण किया जाएगा। लक्ष्मण झूला का निर्माण 1929 में हुआ था लेकिन क्षमता वहन में कमी आने की वजह से उसे बंद कर दिया गया है। बनने वाले पुल में पैदल चलने वाले लोगों के लिए कांच के डेक का प्रावधान होगा, साथ ही हल्के वजन के वाहनों को भी पार करने की अनुमति होगी।
📌 देहरादून-पोंटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) सड़क:
देहरादून-पोंटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) सड़क, लगभग 1700 करोड़ रुपये की लागत से बन रही है। यह यात्रा के समय को कम करेगी और दोनों स्थानों के बीच निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी। इससे अंतर्राज्यीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। नाजिमाबाद-कोटद्वार सड़क चौड़ीकरण परियोजना यात्रा के समय को कम करेगी और लैंसडाउन से कनेक्टिविटी में भी सुधार करेगी।
इसके अलावा;
📌 देहरादून में बच्चों के अनुकूल सड़कों को विकसित करने की परियोजना
📌 बद्रीनाथ धाम और गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में पर्यटन की दृष्टि से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की परियोजनाएं
📌 हरिद्वार में 500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक नए चिकित्सा महाविद्यालय की रखी जाएगी आधारशिला
📌 देहरादून में 700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली जलापूर्ति, सड़क और जल निकासी व्यवस्था के विकास से संबंधित परियोजनाओं का भी शिलान्यास
📌 लामबगड़ (जो बद्रीनाथ धाम के रास्ते में है) में भूस्खलन शमन परियोजना
📌 एनएच-58 पर शकनिधर, श्रीनगर और देवप्रयाग में क्रोनिक भूस्खलन ट्रीटमेंट
📌 चारधाम सड़क संपर्क परियोजना के तहत देवप्रयाग से श्रीकोट तक और एनएच-58 पर ब्रह्मपुरी से कोडियाला तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना का उद्घाटन
📌 यमुना नदी पर 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 120 मेगावाट की व्यासी जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन
📌 देहरादून में हिमालय संस्कृति केंद्र का उद्घाटन
📌 देहरादून में स्टेट ऑफ आर्ट परफ्यूमरी एंड अरोमा लेबोरेटरी (सेंटर फॉर एरोमैटिक प्लांट्स) का उद्घाटन

Continue Reading
Click to comment
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments

More in उत्तराखंड

Like Our Facebook Page

Latest News