स्वास्थ्य
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
खाना खाने के बाद अचानक नींद आना, शरीर में भारीपन महसूस होना या आलस लगना कई लोगों के लिए आम बात है। अक्सर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति शरीर के मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर के स्तर से जुड़ी हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि भोजन के बाद कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भोजन करने के बाद शरीर में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है। अगर इस दौरान व्यक्ति लंबे समय तक बैठे या लेटे रहता है तो मांसपेशियां उस ग्लूकोज का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पातीं। ऐसे में अतिरिक्त ग्लूकोज शरीर में फैट के रूप में जमा होने लगता है, जिससे वजन बढ़ने के साथ-साथ सुस्ती और भारीपन की समस्या भी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि भोजन के बाद अक्सर होने वाली एसिडिटी, गैस और पेट फूलने की समस्या भी इसी कारण से जुड़ी हो सकती है। पाचन प्रक्रिया धीमी होने से व्यक्ति को थकान और नींद का अनुभव होने लगता है। इसलिए भोजन के बाद शरीर को थोड़ी सक्रियता देना जरूरी माना जाता है।
भोजन के बाद टहलना क्यों है फायदेमंद
डॉक्टरों के मुताबिक खाने के बाद हल्की वॉक करने से शरीर की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं और वे बढ़ते ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने लगती हैं। इससे इंसुलिन का स्तर संतुलित रहता है और शरीर में शुगर स्पाइक की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा टहलने से आंतों की गति भी बढ़ती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और पेट में भारीपन या गैस की समस्या कम होती है।
कितनी देर और कैसे करें वॉक
विशेषज्ञों का सुझाव है कि भोजन के लगभग 5 मिनट बाद हल्की वॉक शुरू की जा सकती है। 10 से 15 मिनट तक धीमी गति से टहलना पर्याप्त माना जाता है। बहुत तेज चलने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए सामान्य और आरामदायक गति बनाए रखना बेहतर रहता है।
ऑफिस में क्या करें
अगर ऑफिस में बाहर टहलना संभव न हो तो अपनी सीट के पास ही थोड़ी देर चलना-फिरना या कदमताल करना भी फायदेमंद हो सकता है। यह छोटी-सी शारीरिक गतिविधि भी ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने और शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करती है।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन के बाद कुछ मिनट की हल्की वॉक को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करने से पाचन बेहतर रहता है और मोटापा व डायबिटीज जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
नोट: यह लेख विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स में दी गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
(साभार)
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