Connect with us

जिला प्रशासन की मानवीय पहल, बालश्रम से रेस्क्यू के बाद शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ीं दो बालिकाएं

उत्तराखंड

जिला प्रशासन की मानवीय पहल, बालश्रम से रेस्क्यू के बाद शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ीं दो बालिकाएं

पारिवारिक परिस्थितियों से दुकान पर काम करने को मजबूर 2 बेटियां अब अपने शिक्षा के पंखों से भर सकेंगी भविष्य की उड़ान

डीएम सविन बंसल के निर्देश पर जीरो टॉलरेंस, बालश्रम पर सख्त कार्रवाई

देहरादून। जिला प्रशासन द्वारा बालश्रम और भिक्षावृत्ति के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत एक और प्रभावी कार्रवाई सामने आई है। सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान एक दुकान में कार्यरत दो नाबालिग बालिकाओं को प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दोनों बालिकाओं के पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री धामी ने शासकीय आवास परिसर में फहराया तिरंगा

रेस्क्यू के पश्चात बालिकाओं की काउंसलिंग की गई, ताकि उनके मानसिक और भावनात्मक पक्ष को समझा जा सके। साथ ही उनके माता-पिता से संवाद कर उन्हें बालश्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के कानूनी अधिकारों और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।

आईसीसी में नामांकन

सभी आवश्यक औपचारिकताओं के बाद दोनों बालिकाओं का जिला प्रशासन के इंटेंसिव केयर सेंटर (आईसीसी) में नामांकन कराया गया। यहां उन्हें संरक्षण, परामर्श और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही बालिकाओं को साधुराम इंटर कॉलेज में नामांकित कर औपचारिक रूप से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया।

यह भी पढ़ें -  शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियाँ ही सशक्त, समृद्ध और प्रगतिशील समाज की मजबूत नींव- सीएम धामी

जिला प्रशासन की ओर से बालिकाओं की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए उन्हें किताबें, स्कूल बैग और जूते भी उपलब्ध कराए गए। प्रशासन का कहना है कि यह पहल न केवल बच्चों के वर्तमान को सुरक्षित कर रही है, बल्कि उनके भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।

जीरो टॉलरेंस नीति

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार जनपद में बालश्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। रेस्क्यू किए गए प्रत्येक बच्चे के समग्र पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

यह भी पढ़ें -  कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निराश्रित गौवंश के लिए बनी गौशाला का किया लोकार्पण

इंटेंसिव केयर सेंटर के माध्यम से बच्चों को योग, संगीत, खेल सहित विभिन्न गतिविधियों से जुड़ा सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नागरिक बनाया जा सके।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बालश्रम और भिक्षावृत्ति में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जबकि रेस्क्यू किए गए बच्चों को हरसंभव सहायता देकर उनके भविष्य को संवारा जाएगा।

Ad Ad
Continue Reading

More in उत्तराखंड

Ad Ad

Latest News

Author

Author: Shakshi Negi
Website: www.gairsainlive.com
Email: gairsainlive@gmail.com
Phone: +91 9720310305