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उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का प्रथम सत्र आज से शुरू, जानिए राज्यपाल अभिभाषण की मुख्य बातें

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उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का प्रथम सत्र आज से शुरू, जानिए राज्यपाल अभिभाषण की मुख्य बातें

उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का तीन दिवसीय प्रथम सत्र आज मंगलवार से शुरू हो गया है. इस मौके पर किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने विधानसभा सदस्यता की शपथ ली. पूर्व में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण वह शपथ नहीं ले पाए थे. आज सुबह 10 बजे विधानसभा सचिव ने अपने कक्ष में उन्‍हें शपथ दिलवाई. इसके बाद सुबह 11 बजे से राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह का अभिभाषण शुरू हुआ. अभिभाषण शुरू होते ही विपक्ष कड़े तेवर दिखाए. कांग्रेसी विधायकों ने सदन में महंगाई के विरोध में बैनर दिखाए.

उत्तराखंड का राज्यपाल बनने के बाद यह उनका पहला अभिभाषण है. मंगलवार को पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सरकार नए वित्तीय वर्ष के प्रथम चार माह के लिए लगभग 21 हजार करोड़ रुपये का लेखानुदान पेश करेगी. सत्र में दो अध्यादेश भी विधेयक के रूप में पेश किए जाएंगे. दोपहर बाद तीन बजे से विधानसभा अध्यक्ष द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण का वाचन करने के साथ सत्र शुरू होगा. शाम चार बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लेखानुदान प्रस्तुत करेंगे. अगले दिनों की कार्यसूची के लिए मंगलवार शाम को फिर से कार्यमंत्रणा समिति की बैठक होगी. सत्र के दौरान उत्तराखंड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अध्यादेश और उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा अग्नि निवारण एवं अग्नि सुरक्षा संशोधन अध्यादेश विधेयक के रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे

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उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है. सत्र के पहले दिन राज्यपाल लेफ्टीनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने सदन में अभिभाषण के जरिए सरकार का विजन सामने रखा. राज्यपाल के अभिभाषण की मुख्य बातें राज्य में दिव्यांग सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया है. राज्य में अल्पसंख्यक बालिका प्रोत्साहन योजना के अधीन वित्तीय वर्ष 2021-22 में 2990 छात्राओं का आवेदन प्राप्त हुआ है. उत्तराखण्ड के द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं की पेंशन को 8 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया.

जिला देहरादून के गुनियाल गाँव में शौर्य स्थल (सैन्य धाम) के निर्माण हेतु राज्य के शहीद सैनिकों के घर आंगन की मिट्टी को लाने हेतु शहीद सम्मान यात्रा का आयोजन किया गया. उत्तराखण्ड के विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कारों यथा परम विशिष्ट सेवा मेडल, अतिविशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल, उत्कृष्ट सेवा एवं विशिष्ट सेवा मेडल से विभूषित पदक धारकों की पुरस्कार राशि में वृद्धि की गयी है. राज्य में विगत चार वर्षों में अठानबे हजार चार सौ बयालीस हेक्टेयर में सात करोड़ छियासी लाख पौधों का रोपण किया गया. राज्य में लीसा विदोहन द्वारा प्रति वर्ष लगभग एक लाख क्विटल जीरो का विदोहन किया जाता है, जिससे लगभग पचपन करोड राजस्व की प्राप्ति के साथ-साथ राज्य में लीसा विदोहन द्वारा प्रति वर्ष लगभग एक लाख क्विटल जीरो का विदोहन किया जाता है, जिससे लगभग पचपन करोड राजस्व की प्राप्ति के साथ-साथ लगभग बारह लाख मानव दिवस रोजगार सृजन होता है. भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य के बनावरण में 8 वर्ग किमी० की वृद्धि हुई है.

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औद्योगिक इकाईयों में कम प्रदूषणकारी ईंधन को प्रयुक्त किये जाने के उद्देश्य से एल०पी०जी० एल०एन०जी० पी०एन०जी० एल०एस०एच०एस० (Low Sulphur Heavy Stock), एच०एस०डी० (High Speed Diesel), बायोगैस, बायोफ्यूल, कोल, वुड, पिरूल एवं आर० डी०एफ० (Refuse Derived Fuel) को ईंधन के रूप में अनुमन्य किये गये हैं. प्रदूषणकारी ईंधन जैसे- पैट कोक एवं फनॅश ऑयल का प्रयोग मार्च, 2024 तक पूर्ण रूप से बन्द किया जाना है.ई-वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इलैक्ट्रिक दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों के क्रय किये जाने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गंगा नदी में 38 स्थानों पर तथा राज्य में कुल 112 स्थानों पर नदियों एवं भू जल की जल गुणवत्ता का नियमित रूप से अनुश्रवण किया जा रहा है. पर्यावरण के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के सभी सकारात्मक एवं नकारात्मक अंतःक्रियाओं तथा पर्यावरण पर अर्थव्यवस्था के प्रभावों एवं अर्थव्यवस्था में पर्यावरण के योगदान के दृष्टिगत सकल पर्यावरणीय उत्पाद को परिभाषित कर क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की गयी है.

राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी०) दो लाख सत्ताइस हजार चार सौ एक्कीस करोड़ रुपये है. स्थायी भाव पर आर्थिक विकास दर 6.55 प्रतिशत है और प्रचलित मूल्य पर राज्य निवल घरेलू उत्पाद के आधार पर राज्य के लिए अनुमानित प्रति व्यक्ति आय एक लाख छिहत्तर हजार सात सौ चौवालिस रूपये है. भारत सरकार द्वारा संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम (gustotto) की तर्ज पर राज्य के सोलह सर्वाधिक पिछडे विकास खण्डों को आकांक्षी विकास खण्डों के तौर पर अभिचिन्हित किया गया ताकि ये विकास खण्ड भी विकसित विकास खण्डों के समक्ष आ सकें. राजस्व वसूली हेतु रिकवरी सर्टिफिकोट सिस्टम (आर०सी०एस०) तथा खतौनी में ऋण अंकन हेतु लोन एंट्री सॉफ्टवेयर का पूरे प्रदेश में संचालन किया गया. स्वामित्व योजना के अन्तर्गत अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों के राजस्व ग्रामों के सापेक्ष ड्रोन सर्वेक्षण की कार्यवाही में सात हजार तीन सौ तिरसठ ग्रामों में ड्रोन फ्लाइंग पूर्ण की जा चुकी है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत नौ लाख तेरह हजार कृषकों को दिनांक 30.11.2021 तक तेरह अरब अढानबे करोड़ तीन लाख की धनराशि हस्तारित की गयी है. उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अन्तर्गत उन्तीस विभागों की दो सौ अड़सठ सेवाओं को अधिसूचित किया गया है. सरकार द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की स्थापना के प्रोत्साहन हेतु आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के लिए प्रोत्साहन नीति निर्गत की गयी है.

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