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उत्तराखंड में शिक्षा सुधार की नई पहल, राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण का होगा गठन

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उत्तराखंड में शिक्षा सुधार की नई पहल, राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण का होगा गठन

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समीक्षा बैठक में अफसरों को दिए निर्देश

देहरादून। प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षणिक मानक स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण (एसएसएसए) का गठन किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा न्यूनतम आयु सीमा पूर्ण न होने के कारण कक्षा-1 में प्रवेश से वंचित छात्र-छात्राओं को भविष्य में बालवाटिका-3 में दाखिला दिया जायेगा। साथ ही विभागीय अधिकारियों को एनईपी-2020 के अनुरूप कक्षा-01 से 08वीं तक का पाठ्यक्रम तैयार कर लागू करने के निर्देश दिये गये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत प्रदेश में राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण के शीघ्र गठन के निर्देश अधिकारियों को दिये।

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डॉ. रावत ने बताया कि एसएसएसए के गठन से प्रदेश में शैक्षिक मानकों को स्थापित करने में मदद मिलेगी, साथ ही स्कूलों की मान्यता से लेकर सीखने के लक्ष्य व क्लास रूम मानक तय किये जायेंगे, जिससे निजी एवं राजकीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार लाया जा सकेगा। इसके अलावा प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में बालवाटिका-1 व 2 की तर्ज पर बालवाटिका-3 का भी संचालन किया जायेगा। जिसमें ऐसे छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जायेगा जो कि एक शैक्षणिक सत्र में निर्धारित आयु सीमा पूर्ण न करने के कारण कक्षा-1 में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं।

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डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेशभर में ऐसे छात्र-छात्राआों की बड़ी तादाद है जो कक्षा-1 में प्रवेश के समय 6 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा पूरी नहीं कर पाते हैं और आंगनबाड़ी में संचालित केन्द्रों से भी पांच वर्ष की आयु पूर्ण करते ही मध्य सत्र में बाहर हो जाते हैं। विभागीय मंत्री ने एनईपी-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार न होने पर विभागीय अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने अधिकारियों को दो माह के भीतर एनईपी गाइडलान में तय 70 व 30 फीसदी कंटेंट के अनुरूप कक्षा-1 से 8 तक का पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को प्रदेशभर के करीब 150 क्षतिग्रस्त स्कूलों के शीघ्र मरम्मत के निर्देश भी बैठक में दिये। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के मरम्मत हेतु आपदा मद से लगभग 30 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। इसके अलावा प्रत्येक जिलाधिकारी भी आपदा न्यूनीकरण मद से दो-दो लाख रूपये प्रति विद्यालय खर्च कर सकते हैं, इसके लिये विभागीय सचिव की अध्यक्षता में एक मॉनिटिरिंग कमेटी का भी गठन करने का निर्देश भी दिये गये हैं।

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बैठक में विद्यालयी शिक्षा सचिव रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना राजगुरु, एम.एम. सेमवाल, उप सचिव अनिल पाण्डे, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय नौटियाल, एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला, पदमेन्द्र सकलानी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Shakshi Negi
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