Connect with us

उत्तराखंड की छवि हो रही खराब सरकार संज्ञान में ले, चार धाम रूट पर हो रही खुली लूट

उत्तराखंड

उत्तराखंड की छवि हो रही खराब सरकार संज्ञान में ले, चार धाम रूट पर हो रही खुली लूट

उत्तराखंड मे चार धाम यात्रा अपने पुरे शबाब पर हैं जिस तरह से चारो धामों मे तीर्थं यात्री टूट कर आ रहे हैं उससे चारधाम यात्रा के ऊपर आश्रित तमाम लोगो के कोरोना के 2 साल की परेशानी दूर हो जाएगी ऐसी उम्मीद हैं.

वहीँ जहाँ अव्यवस्थाओ को लेकर जमकर सरकार की किरकिरी हो रही हैं वहीँ धामों के रास्तो मे तीर्थ यात्रियों को लूटने मे भी कोई कसऱ नहीं छोड़ी जा रही हैं हालात तो ये हैं कि श्रद्धालुओं की परेशानी का फायदा उठाने वालों की भी कमी नहीं हैं ओवर रेटिंग इतना की सिर चकरा जाए साफ हैं इससे उत्तराखंड की छवि तो ख़राब हो ही रही हैं ऊपर से तीर्थं यात्रियों मे भी गलत संदेश पहुंच रहा हैं.

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: बदलेगा मौसम का मिजाज, इन जिलों में बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली चमकने के आसार

उत्तराखंड ‘अतिथि देवो भव:’ के सिद्धांत का गुणगान करता है, लेकिन कुछ धर्मशालाएं और होटल व्यवसायी खुली लूट कर रहे हैं. प्रदेश और चार धाम यात्रा की छवि खराब हो रही है क्योंकि फोन पर बुकिंग कुछ और की जा रही है और यात्रियों के पहुंचने पर अनाप शनाप रेट मांगे जा रहे हैं.

चार धाम यात्रा में दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और सबसे ज्यादा भीड़ केदारनाथ धाम में उमड़ी है. भीड़ को देखते हुए पर्यटन व्यवसायी खुश हैं, लेकिन इस सबके बीच कुछ लोग श्रद्धालुओं का शोषण भी जमकर हो रहा है और उनसे मुंहमांगा किराया वसूला जा रहा है. धाम की क्षमता से कहीं ज़्यादा श्रद्धालुओं को एंट्री दिए जाने से हालात ये हो गए हैं कि यहां के होटलों और धर्मशालाओं में कीमतें बेतहाशा बढ़ाई जा रही हैं. मुनाफ़ाखोरी के चलते अब दूरदराज से आए लोग रात भी आसमान के नीचे गुज़ारने को मजबूर हैं.

यह भी पढ़ें -  शिक्षा विभाग के लिए बड़ी खबर, शिक्षकों को ई टैब देने के लिए 10-10 हजार राशि की स्वीकृति

केदारनाथ धाम में हर दिन हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं. होटल, लॉज और धर्मशालाओं के स्वामी श्रद्धालुओं की मजबूरियों का जमकर फायदा इस तरह उठा रहे हैं कि जिस रूम का एक रात का भाड़ा 500 से 1000 रुपये है, उसके लिए 5000 से 20,000 रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं.

Continue Reading
Click to comment
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments

More in उत्तराखंड

Like Our Facebook Page

Latest News