Connect with us

रोडवेज बसों में अगर चालक व परिचालक ने संगीत बजाया तो खतरे में पड़ सकती है नौकरी

उत्तराखंड

रोडवेज बसों में अगर चालक व परिचालक ने संगीत बजाया तो खतरे में पड़ सकती है नौकरी

अब रोडवेज बसों में म्यूजिक सिस्टम पर संगीत बजाने पर प्रतिबंध कर दिया गया है। यात्रियों की शिकायत के बाद रोडवेज प्रबंधन ने यह फैसला लिया है। मंडल व डिपो अधिकारियों को बसों से म्यूजिक सिस्टम उतारने के आदेश दिए गए हैं।रोडवेज बसों में म्यूजिक सिस्टम पर संगीत बजाना प्रतिबंधित कर दिया गया है।

अगर चालक व परिचालक इस प्रतिबंध के बावजूद बसों में संगीत बजाएंगे तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।रोडवेज महाप्रबंधक ने सभी डिपो के सहायक महाप्रबंधकों को पत्र भेज बसों से म्यूजिक सिस्टम उतारने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मंडल कार्यालय व कार्यशाला समेत समस्त डिपो कार्यालय में भी म्यूजिक सिस्टम बजाने पर रोक लगा दी गई है।रोडवेज महाप्रबंधक दीपक जैन की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि बसों में तेज आवाज में संगीत चलाने की लगातार शिकायत आ रही। इस संबंध में प्रबंधन ने 27 दिसंबर 2016 को भी म्यूजिक सिस्टम पर प्रतिबंध का आदेश दिया था, मगर अब चालक व परिचालक फिर इसका उल्लंघन कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री धामी ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

आदेश में कहा गया कि मंडल व डिपो के अधिकारी चालक-परिचालकों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं और इससे निगम की छवि धूमिल हो रही। महाप्रबंधक ने आदेश दिया है कि रोडवेज बस संचालन के वक्त म्यूजिक नहीं बजेगा।अगर कोई यात्री शिकायत करता है व जांच में शिकायत सही मिली तो बस चालक व परिचालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। उन्हें नौकरी से बाहर किया जा सकता है।रोडवेज बसों के यात्रियों ने शिकायत में म्यूजिक से दुर्घटना का खतरा भी बताया। उनका कहना था कि चालक बहुत ही तेज धुन में म्यूजिक बजाते हैं। कईं दफा इतनी तेज आवाज होती है कि पीछे बैठे यात्री को आगे वाले यात्री की आवाज भी सुनाई नहीं दे सकती।चालक म्यूजिक की धुन में लीन हो जाते हैं, इससे हादसे का खतरा अधिक रहता है। इस तरह की घटनाएं भी हो चुकी हैं। गलती चालक करते हैं व जान यात्रियों की खतरे में पड़ती है।

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री के ‘हरित व आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ विजन की सशक्त मिसाल बना नौगांव

चालकों ने लगवा लिये एफएम: पहले बसों में कैसेट या सीडी प्लेयर वाले म्यूजिक सिस्टम लगाए जाते थे, लेकिन अब चालकों ने एफएम सिस्टम लगा रखे हैं। इन सिस्टम में पेन-ड्राइव भी लग जाती है। ऐसे में चालक पेन-ड्राइव में गाने अपलोड करा लेते हैं और पूरे सफर में म्यूजिक बजता है।यह समस्या साधारण बसों में ज्यादा रहती है। रोडवेज की ओर से ऐसा कोई नियम है ही नहीं कि बस में म्यूजिक सिस्टम हो या फिर यह रोडवेज प्रबंधन ने लगाए हुए हों।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में प्री-एसआईआर गतिविधियां तेज, 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी

यात्रियों की कुछ शिकायतें

यात्री को बस में बैठते व उतरते समय चालक को कुछ कहना हो तो चालक को सुनाई नहीं देता।

चालक के न सुनने के कारण यात्री को कई दफा दूर उतरना पड़ता है।

म्यूजिक की आवाज के कारण यात्रियों को मोबाइल पर बात करने में परेशानी होती है।

म्यूजिक सिस्टम के कारण चालक और परिचालक का ध्यान यात्री बैठाने पर नहीं रहता और बसें खाली चलती हैं।

परिचालक अपने मोबाइल पर इयरफोन लीड लगाकर गाने सुनते रहते हैं। यात्रियों को परिचालक को कुछ कहना है तो उन्हें परिचालक सुनते नहीं।

Ad Ad
Continue Reading

More in उत्तराखंड

Ad Ad

Latest News

Author

Author: Shakshi Negi
Website: www.gairsainlive.com
Email: gairsainlive@gmail.com
Phone: +91 9720310305