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लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने शहर के कई इलाकों का किया निरीक्षण

उत्तराखंड

लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने शहर के कई इलाकों का किया निरीक्षण

सड़कों पर मलबा मिलने पर सचिव ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। देहरादून में सड़कों की स्थिति सुधारने और रोड कटिंग के बाद रेस्टोरेशन कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने शहर के कई इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्य समयसीमा में पूरा करने और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न होने के सख्त निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने सुबह करीब 6 बजे से जिलाधिकारी सविन बंसल और जिला प्रशासन की टीम के साथ शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दिलाराम चौक, सहस्त्रधारा रोड, धर्मपुर चौक, रिस्पना पुल, आईएसबीटी, शिमला बाईपास, बल्लूपुर चौक समेत कई इलाकों में रोड कटिंग के बाद किए गए सड़कों के पुनर्स्थापन कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया।

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निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्थानों पर सड़क सुधार कार्य संतोषजनक पाए गए, लेकिन कुछ जगहों पर कार्य अधूरा और गुणवत्ता में कमी नजर आई। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा पड़ा मिला, जिससे आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताई गई।

इस पर सचिव ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि रोड कटिंग के दौरान निर्धारित शर्तों का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूरा होने के तुरंत बाद सड़कों का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण किया जाए और मलबे का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि जो एजेंसियां तय समयसीमा और नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया टीम को ऐसे कार्यों की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि रोड कटिंग की अनुमति विकास कार्यों के लिए दी जाती है, लेकिन इसके लिए समयसीमा और मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अब एक समय में केवल सीमित स्थानों पर ही रोड कटिंग की अनुमति दी जाएगी और 15 से 21 दिन के भीतर कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही नई अनुमति दी जाएगी।

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प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित एजेंसियों से शपथ पत्र लिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Author: Shakshi Negi
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