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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल समारोह संबोधित करते हुए, इन अधिकारियो को कही बड़ी बात जमकर बजी तालियां

उत्तराखंड

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल समारोह संबोधित करते हुए, इन अधिकारियो को कही बड़ी बात जमकर बजी तालियां

पीएम मोदी बोले- कर्तव्यबोध व आदेश का अंतर समझें युवा अधिकारी, एलबीएसएनएए के 96वें कामन फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह को किया संबोधित. प्रधानमंत्री मोदी वीरवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (एलबीएसएनएए) के 96वें कामन फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे. मोदी ने कहा कि अकादमी का यह समारोह बेहद खास है.अगले 25 वर्ष में आपकी टीम की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत 21वीं सदी का सबसे बड़ा लक्ष्य है. ऐसे में युवा अधिकारियों की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है. कहा कि अगले 25 वर्षों में देश जितना विकास करेगा, उसमें युवा अधिकारियों की बड़ी भूमिका होगी. प्रधानमंत्री ने कर्तव्यबोध और आदेश के बीच का अंतर समझने पर खास जोर दिया. कहा कि काम करने की सच्ची अनुभूति फाइलों में नहीं, फील्ड में जाकर ही मिलेगी.

प्रधानमंत्री मोदी वीरवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (एलबीएसएनएए) के 96वें कामन फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे. मोदी ने कहा कि अकादमी का यह समारोह बेहद खास है. इस पड़ाव को पार कर भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष (अमृत महोत्सव) में 16 अखिल भारतीय सेवाओं के 488 प्रशिक्षु अधिकारी देश की सेवा करने जा रहे हैैं. उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि जब देश की आजादी को 100 वर्ष पूरे होंगे, तब हम में से कई व्यक्ति नहीं होंगे. लेकिन आपका बैच तब भी रहेगा और अगले 25 वर्ष में देश जितना विकास करेगा, उसमें आपकी कहानी होगी. अगले 25 वर्ष में आपकी टीम की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है.

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प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ महीने में आप सब फील्ड में काम करेंगे. लिहाजा, आपकों फाइलों और फील्ड के बीच का अंतर समझना होगा. फाइलों में उलझकर आपको असली फील (अनुभूति) नहीं आएगा, उसके लिए फील्ड में जाना होगा. हालांकि, फाइलों में कई ऐसे आंकड़े मिलेंगे, जो सिर्फ आंकड़े नहीं हैं. उनमें जीवन छिपा होता है. उनमें जीवन की आकांक्षाएं व कठिनाइयां मिलेंगी. आंकड़ों को समझिए और फिर निर्णय लीजिए. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत का सबसे बड़ा लक्ष्य आत्मनिर्भरता का है. इसलिए आपके बीच बहुत सारी अपेक्षाएं लेकर आया हूं. ये अपेक्षाएं आपके व्यक्तित्व और कृतत्व दोनों से जुड़ी हैं.

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प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें सकारात्मक परिवर्तन का हिस्सा बनना है. उन्हें आदेश देकर काम कराने और कर्तव्य बोध का एहसास कराकर काम करवाने के बीच के फर्क को समझना होगा. यही एक नेता की खूबी होती है और सभी अधिकारियों को इसे अपने भीतर विकसित करना होगा. आप में खूब जोश होगा और तमाम बातें व नियम आपको रास नहीं आएंगे, मगर शांत भाव से मनन करके हर बात का परीक्षण करना होगा और फिर आगे बढऩा होगा.

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अकादमी में लंबा निबंध छोड़कर जाइए
प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों को सलाह दी कि अकादमी छोडऩे से पहले एक लंबा निबंध लिख कर जाइए. उसे क्लाउड में सेव किया जाए और उसमें जीवन के तमाम लक्ष्य लिखकर जाइए. जब आप 25 व 50 साल बाद वापस आएंगे, तब वह निबंध पढि़ए. इससे आपको पता चलेगा कि आपने कितने लक्ष्य प्राप्त किए या आप कहीं भटक गए.

निदेशक से आग्रह, अर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को बनाएं हिस्सा
एलबीएसएनएए के निदेशक श्रीनिवास आर कथिकिथाला से प्रधानमंत्री ने आग्रह किया कि वह प्रशिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) विषय को भी शामिल करें. साथ ही डाटा गवर्नेंस को एक थीम के रूप में शामिल करें. डाटा गवर्नेंस की दिशा में आनलाइन परीक्षा भी कराई जानी चाहिए. नौकरशाही के लोग यह परीक्षा दें और उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया जा सकता है. इस तरह की कवायद से आधुनिक भारत के सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी.

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Author: Shakshi Negi
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