Connect with us

अब AI कंटेंट पर लगाना होगा लेबल, भारत सरकार के नए नियम लागू

देश

अब AI कंटेंट पर लगाना होगा लेबल, भारत सरकार के नए नियम लागू

3 घंटे में हटाना होगा आपत्तिजनक कंटेंट

ई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के बीच केंद्र सरकार ने डिजिटल कंटेंट को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। 10 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के बाद ये नियम अब 20 फरवरी से प्रभावी हो गए हैं। भारत सरकार के इस फैसले के तहत अब एआई से तैयार किसी भी फोटो, वीडियो या ऑडियो पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा, ताकि लोगों को असली और नकली कंटेंट में फर्क समझने में आसानी हो।

इन नए नियमों के मुताबिक, एआई जनरेटेड कंटेंट पर “AI Generated” जैसे स्पष्ट निशान दिखाना जरूरी होगा। इसके अलावा हर फाइल के मेटाडेटा में उसकी पूरी जानकारी दर्ज रहेगी—जैसे कंटेंट कब बना, किस टूल से तैयार हुआ और पहली बार कहां अपलोड किया गया। इसे एक तरह का “डिजिटल डीएनए” माना जा रहा है, जिससे जांच एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर कंटेंट के स्रोत तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें -  तकनीक का वास्तविक प्रभाव तभी दिखेगा जब इसे सही दिशा और उद्देश्य के साथ अपनाया जाए- पीएम मोदी

सरकार ने यह भी साफ किया है कि एआई कंटेंट से जुड़े लेबल या तकनीकी जानकारी के साथ छेड़छाड़ करना अब गैर-कानूनी होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी तकनीक अपनानी होगी जिससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ को रोका जा सके या संदिग्ध कंटेंट स्वतः हटाया जा सके। इसके साथ ही यूजर्स को कंटेंट अपलोड करते समय यह बताना भी जरूरी होगा कि वह एआई से तैयार किया गया है या नहीं।

यह भी पढ़ें -  अवैध घुसपैठ से बिगड़ा राज्य का सामाजिक संतुलन– हिमंत बिस्वा सरमा

नए नियमों में सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी गई है। अब किसी भी आपत्तिजनक या गैर-कानूनी कंटेंट की शिकायत मिलने पर प्लेटफॉर्म्स को सिर्फ 3 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा, जबकि पहले इसके लिए 36 घंटे का समय दिया जाता था। इस बदलाव से डिजिटल स्पेस में जवाबदेही और सख्ती दोनों बढ़ेंगी।

एक दिन पहले आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डिजिटल कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे खाद्य उत्पादों पर जानकारी दी जाती है, वैसे ही डिजिटल सामग्री पर भी उसकी प्रकृति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि लोग भ्रमित न हों।

यह भी पढ़ें -  साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज, भारत में नहीं दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’

सरकार ने खास तौर पर डीपफेक और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्त रुख अपनाया है। अगर एआई का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की पहचान की नकल करने, फर्जी वीडियो बनाने, बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री फैलाने या धोखाधड़ी के लिए किया जाता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि इन नियमों का मकसद एक सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह इंटरनेट व्यवस्था तैयार करना है, जिससे एआई के दुरुपयोग पर लगाम लगाई जा सके और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता बढ़े।

Ad Ad
Continue Reading

More in देश

Ad Ad

Latest News

Author

Author: Shakshi Negi
Website: www.gairsainlive.com
Email: gairsainlive@gmail.com
Phone: +91 9720310305