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केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने all weather सड़कों को लेकर ये दिए निर्देश

उत्तराखंड

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने all weather सड़कों को लेकर ये दिए निर्देश

चारधाम ऑलवेदर रोड जितनी बनाई जा चुकी है, उस पर न्यायालय का आदेश लागू नहीं होगा। लेकिन परियोजना के जिस हिस्से में सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू नहीं हुआ है, वहां इसकी चौड़ाई 5.50 मीटर से अधिक नहीं होगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से इस संबंध में राज्य सरकार को दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।

इसके साथ ही संपूर्ण ऑलवेदर रोड परियोजना पर अदालत का फैसला लागू होने को लेकर छाया कुहासा छंट गया है। परियोजना का करीब 260 किमी का ऐसा हिस्सा है, जिस पर अभी तक चौड़ीकरण का कार्य शुरू नहीं हो पाया था। अब इस सड़क की ब्लैक टॉप चौड़ाई 5.50 मीटर तक ही होगी।

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करीब 889 किमी लंबी चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत अभी सीमांत जिले उत्तरकाशी और चमोली में सड़क के चौड़ीकरण के कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। अदालती वाद के कारण पर्यावरणीय कारणों से केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इसे रोके रखा। इन हिस्सों पर बीआरओ कार्यदायी एजेंसी है। सामरिक महत्व के लिहाज परियोजना का यह हिस्सा बहुत अहम है। अब सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद परियोजना के इस हिस्से पर भी कार्य आरंभ हो जाएगा।645 किमी सड़क पर चल रहा है कार्य

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परियोजना के तहत करीब 645 किमी सड़क पर कार्य चल रहे हैं। यहां आठ हजार करोड़ के 34 कार्य चल रहे हैं। इस भाग पर पहाड़ काटने का कार्य तकरीबन पूरा है। अधिकांश हिस्से में सड़क अपने अंतिम रूप में हैं। अलग-अलग स्थानों पर कुछ भाग बचा है, जहां चौड़ीकरण व भूस्खलन क्षेत्रों के ट्रीटमेंट के कार्य चल रहे हैं। लोनिवि का दावा है कि परियोजना के इन कार्यों पर कोर्ट का फैसला लागू नहीं होगा।

पर्यावरण बनाम सुरक्षा का सवाल

चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़े सरोकारों के बीच फंसी है। पर्यावरणविदों का कहना है कि हर सूरत में सड़क की चौड़ाई कम होनी चाहिए। लेकिन सीमांत राज्य होने के कारण राज्य सरकार की चिंता सुरक्षा को लेकर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत स्वयं यह चिंता जाहिर कर चुके हैं।

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उनका कहना है कि सामरिक महत्व की दृष्टि से सड़क की चौड़ाई साढ़े पांच मीटर से अधिक होनी चाहिए। वह परियोजना के पुराने स्वरूप की वकालत कर रहे हैं और यह उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र सरकार एक बार फिर इस मामले में नई पहल करेगी। लेकिन पर्यावरण से जुड़े लोगों की राय मुख्यमंत्री से जुदा है।

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Author: Shakshi Negi
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