Connect with us

जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश

उत्तराखंड

जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश

ग्रामीणों ने प्रशासनिक पहल पर जताया भरोसा, समस्याओं के समाधान से प्रसन्नता व्यक्त की

सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम में जनसमस्याओं की सुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा

जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर

पौड़ी।  जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विकासखण्ड जयहरीखाल के काण्डाखाल गांव में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में प्रतिभाग कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। सोमवार को सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत काण्डा मल्ला की सड़क समस्या पर लोनिवि लैंसडाउन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को सतपुली–काण्डाखाल–सिसल्डी ग्राम पंचायत मोटर मार्ग का संयुक्त रूप से सर्वेक्षण करने के निर्देश दिये। इसी दौरान काण्डा तल्ला की भूमा देवी ने अपने जीर्ण-शीर्ण आवासीय भवन की समस्या बतायी, जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को तत्काल निरीक्षण कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु प्रस्तावित सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें -  सूबे में गठित होंगी 643 नई पैक्स समितियां- डॉ धन सिंह रावत

जिलाधिकारी ने गांव की महिलाओं से उनकी आजीविका को लेकर चर्चा की, जिसमें विभिन्न विकल्पों पर संवाद के दौरान महिलाओं ने सिलाई प्रशिक्षण में रुचि दिखाई। इस पर की जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ करने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को मनरेगा योजनाओं में प्रस्तावित करने हेतु ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होंने जनता की अन्य समस्याओं को भी सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री धामी ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र काण्डाखाल का निरीक्षण किया। उन्होंने तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि आरोग्य मंदिर में जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार संभव हो सके।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक परामर्श प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है, अतः शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।

यह भी पढ़ें -  महाशिवरात्रि पर घोषित होगी केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि

उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र में संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने हेतु व्यापक जनजागरुकता अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी प्रसव असुरक्षित परिस्थितियों में न हो। जिलाधिकारी ने एएनएम को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर गर्भवती महिलाओं से संवाद बनाए रखने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही, उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन के मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

मौके पर जिला पंचायतराज अधिकारी जितेन्द्र कुमार, खण्ड विकास अधिकारी जयहरीखाल रवि सैनी, ग्राम प्रधान संजू देवी, पूर्व प्रधान सुरेश कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Ad Ad
Continue Reading

More in उत्तराखंड

Ad Ad

Latest News

Author

Author: Shakshi Negi
Website: www.gairsainlive.com
Email: gairsainlive@gmail.com
Phone: +91 9720310305