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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने ‘कृषि कुम्भ’ में प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

उत्तराखंड

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने ‘कृषि कुम्भ’ में प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

देहरादून में ‘कृषि कुम्भ-2026’ का समापन, गणेश जोशी रहे मुख्य अतिथि

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज देवभूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय प्रेमनगर द्वारा आयोजित ‘कृषि कुम्भ-2026’ के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न कृषि, बागवानी एवं नवाचार आधारित स्टालों का अवलोकन किया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। साथ ही मंत्री जोशी ने कृषि वानिकी पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया।

अपने संबोधन में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है और गाँवों की आत्मा हमारे किसान हैं। किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ, पर्यावरण के संरक्षक और संस्कृति के संवाहक भी हैं। उन्होंने कहा कि जब विश्व खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब भारतीय किसान अपनी मेहनत, नवाचार और संकल्प से समाधान प्रस्तुत कर रहा है।

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कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि प्रदेश के किसानों ने जैविक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों, श्री अन्न (मिलेट्स), मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन एवं पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि “किसान मेला” केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुभव और नवाचार का संगम है, जहाँ किसान, वैज्ञानिक, छात्र और उद्यमी एक मंच पर संवाद कर कृषि के भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा और खेत के बीच की दूरी जितनी कम होगी, कृषि उतनी ही प्रगति करेगी। आज कृषि तकनीक आधारित, वैज्ञानिक और बाज़ार उन्मुख क्षेत्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक, सटीक खेती, मिट्टी परीक्षण, स्मार्ट सिंचाई, जैव उर्वरक एवं डिजिटल मार्केटिंग आधुनिक कृषि के महत्वपूर्ण आयाम हैं।

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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग, मंडुवा और झंगोरा जैसे मोटे अनाज का प्रसंस्करण, हर्बल उत्पाद, फल प्रसंस्करण, शहद एवं मशरूम उद्योग में अपार संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार स्टार्टअप, मुद्रा योजना, आत्मनिर्भर भारत अभियान और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे केवल रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनें और कृषि को उद्यम के रूप में अपनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

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इस अवसर पर कुलपति प्रो० अजय कुमार, रितिका मेहरा, अमन बंसल, पूर्व पार्षद मंजीत रावत सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं एवं कृषकगण शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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Author: Shakshi Negi
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