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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास में निकाला शहद

उत्तराखंड

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास में निकाला शहद

30 बक्सों से निकला 60 किलोग्राम से अधिक शहद

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास में शहद उत्पादन के लिए स्थापित किए गए मधुमक्खी के बक्सों से शहद निकाला। उन्होंने जानकारी दी कि 30 बक्सों से लगभग 60 किलोग्राम शहद निकाला गया। उन्होंने इस कार्य के तकनीकी विशेषज्ञों से शहद उत्पादन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

कृषि मंत्री ने कहा उत्तराखण्ड में 9000 से अधिक कृषक मधुमक्खी पालन व्यवसायिक रूप से कर रहे हैं, जिससे लगभग 3300 एमटी का उत्पादन हो रहा है। इसके अतिरिक्त कई कृषक छोटे स्केल पर भी मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। कृषिको द्वारा मुख्यतः इन्डिका और मेलिफेरा प्रजातियों से शहद का उत्पादन किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने बताया कि हमारी सरकार ने हर जिले में एक मधुग्राम और जनपद चम्पावत व देहरादून में दो मधुग्राम भी चयनित किये गये हैं। मंत्री जोशी ने कहा कि मधुमक्खी उत्पादन से कृषक अपने आय को बढ़ा सकते हैं और यह उन कृषकों के लिए अत्यधिक लाभदायक है जिनके पास भूमि उपलब्ध नहीं है।

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उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में शहद के प्रसंस्करण हेतु 13 मधु प्रसंस्करण इकाईयॉ स्थापित हैं, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता 200 मै0टन प्रतिदिन से भी अधिक है। राज्य में मौनपालन को बढ़ावा देने हेतु केन्द्रपोषित बागवानी मिशन योजनान्तर्गत 40 प्रतिशत अनुदान, राज्य सेक्टर की मधुग्राम योजनान्तर्गत 40 प्रतिशत टॉपअप प्रदान करते हुए कुल 80 प्रतिशत अनुदान से लाभान्वित किया जा रहा है। पर-परागण के लिए परिवहन पर 750 रुपये प्रति मौनबॉक्स अनुदान प्रदान किया जा रहा है। केन्द्रपोषित राष्ट्रीय मधुमक्खीपालन एवं शहद मिशन योजनान्तर्गत मौनपालन से सम्बन्धित इकाई स्थापना हेतु 90 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

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कृषि मंत्री जोशी ने कहा प्रदेश को शहद एवं सह-मौन उत्पादों के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान दिलाने हेतु सरकार द्वारा 110 करोड़ से अधिक की लागत से मौनपालन नीति अनुमोदित की गयी है, जिसके अन्तर्गत विस्तृत वेल्यूचैन स्थापित करते हुए मौनपालकों तथा कृषकों को 80 प्रतिशत तक अनुदान से लाभान्वित करने की व्यवस्था की गयी है। उत्तराखण्ड में उत्पादित होने वाला शहद उच्च गुणवत्ता युक्त है। सरकार के विभिन्न प्रयासों के माध्यम से शहद उत्पादन के लिए किसानों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि किसानों की आय दोगुनी हो उस दिशा में यह शहद उत्पादन से जुड़कर कृषक अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते है।

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इस अवसर पर बागवानी मिशन के निदेशक महेन्द्र पाल, मुख्य उद्यान अधिकारी डा0 डी0के0 तिवारी, पिंकी स्वयं सहायता समूह से पिंकी, किरन आदि सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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Author: Shakshi Negi
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